
दिल्ली पुलिस ने न्यूजपोर्टल न्यूजक्लिक के खिलाफ पहला आरोपपत्र दायर किया
क्या है खबर?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार को समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक और इसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ अपना आरोपपत्र दायर किया है।
गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस का यह पहला आरोपपत्र है।
पुलिस पटियाला हाउस कोर्ट में करीब 8,000 पन्नों का आरोपपत्र एक बक्से में लेकर पहुंची थी। आरोपपत्र में जब्त किए गए 480 इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जानकारी भी शामिल है।
कोर्ट 16 अप्रैल को मामले पर सुनवाई करेगा।
सुनवाई
आरोपपत्र में पुलिस ने क्या कहा?
आज तक के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. हरदीप कौर की कोर्ट में पुलिस ने आरोपपत्र पेश करते हुए आरोप लगाया कि न्यूजक्लिक को चीन के लिए प्रचार के लिए काफी पैसा मिला था।
मामले में दिल्ली पुलिस ने पिछले साल UAPA की धारा 13, 16, 17, 18 और 22 के साथ धारा 153A (धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया था।
विवाद
कंपनी के मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती बने सरकारी गवाह
चीन समर्थक प्रचार के लिए विदेशी धन प्राप्त करने के आरोप में पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को 3 अक्टूबर, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने दिसंबर, जनवरी, फरवरी में आरोपपत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट से कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। इसके बाद 20 मार्च को उनको 10 दिन की अंतिम मोहलत दी गई थी।
आरोपपत्र में चक्रवर्ती का नाम नहीं है, क्योंकि वह सरकारी गवाह बन चुके हैं।
ट्विटर पोस्ट
बक्से में भरकर ले जाया गया 8,000 पन्नों का आरोपपत्र
NewsClick UAPA case: Special Cell of Delhi Police will file chargesheet against the news portal NewsClick in Delhi's Patiala House court, shortly
— ANI (@ANI) March 30, 2024
Police team brings chargesheet copy and relevant documents in a trunk to the court. pic.twitter.com/t4Ybpxtw07
विवाद
क्या है पूरा मामला?
2021 में ED ने न्यूजक्लिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि वेबसाइट को विदेशों से 3 साल में लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली।
जांच में पाया गया कि अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम की ओर से न्यूजक्लिक को फंडिंग दी गई, जिसे देश में चीन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कई लोगों में बांटा गया।
सिंघम पर चीन का प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप लगता है और वे चीनी मीडिया से जुड़े हुए हैं।