दिल्ली विधानसभा में 4 विधेयक पारित; सरकारी काम अब समय पर, 2025 तक झुग्गियों को पक्की छत
दिल्ली सरकार ने शहर को चलाने के तरीके में बड़ा बदलाव लाने के मकसद से 4 नए विधेयक पारित किए हैं। इन कानूनों का खास मकसद लोगों तक सरकारी सेवाएं तेजी से और आसानी से पहुंचाना है। साथ ही, दिल्ली में रहने के हालात को भी बेहतर बनाना है।
इन नए नियमों के तहत, झुग्गी-झोपडी में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी पक्की छत पाने के नियम आसान बनाए गए हैं। इसके अलावा, सरकारी सेवाओं को तय समय पर मुहैया कराने के लिए सख्त प्रावधान भी रखे गए हैं। सरकार जो भी सामान या सेवाएं खरीदती है, उसमें ज्यादा पारदर्शिता लाने पर भी खास ध्यान दिया गया है।
झुग्गी-झोपडी की कट-ऑफ डेट 2025 तक बढ़ी
दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (संशोधन) विधेयक के जरिए झुग्गी-झोपडी (JJ) क्लस्टर्स की पहचान के लिए कट-ऑफ डेट अब 1 जनवरी 2006 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दी गई है। इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा लोग बेहतर पक्का घर पाने के हकदार बन पाएंगे।
एक और विधेयक में सरकारी सेवाओं को तय समय-सीमा में पाना लोगों का कानूनी अधिकार बना दिया गया है। अब लोग अपनी अर्जी की ऑनलाइन स्थिति ट्रैक कर सकेंगे, और अगर काम में कोई देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
AAP नेताओं को सत्र से हटाया गया
जब इन कानूनों पर सदन में चर्चा चल रही थी, उसी दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुछ नेताओं ने चावल खरीद में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर हंगामा किया। इस वजह से उन्हें विधानसभा सत्र से बाहर कर दिया गया।
बाद में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AAP पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी काम करने के बजाय केवल प्रचार में लगी रहती है। वहीं, शहरी विकास मंत्री आशिष सूद ने बताया कि झुग्गी-झोपडी से जुड़ी नीतियों को नए सिरे से बनाना लंबे समय से जरुरी था, और अब यह काम हो गया है।