म्यांमार प्रशिक्षण शिविर के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को अमेरिका लौटने की मंजूरी
क्या है खबर?
म्यांमार में हथियारबंद समूह के लिए प्रशिक्षण शिविर चलाने के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को अमेरिका लौटने की इजाजत मिल गई है। दिल्ली की विशेष कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश सुनाया कि वैनडाइक 24 फरवरी, 2027 तक विदेश में रह सकते हैं। इससे पहले कोर्ट ने सितंबर में उन्हें और 6 यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत दी थी। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें एक महीने में वापस लौटने के लिए कहा था।
आदेश
13 मार्च को गिरफ्तार हुए थे वैनडाइक
वैनडाइक को म्यांमार में सक्रिय हथियारबंद समूह के लिए ड्रोन-वॉरफेयर ट्रेनिंग से जुड़ी एक कथित साजिश के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को गिरफ्तार किया था।
उनके साथ 6 यूक्रेनी नागरिकों, पेट्रो हुरबा, तरास स्लीवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मैरियन स्टेफानकिव, मक्सिम होन्चारुक और विक्टर कामिंस्की को दिल्ली और लखनऊ के हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।
मामले में NIA ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा-18 के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच
क्या है आरोप?
NIA के मुताबिक, आरोपी पर्यटन वीजा पर भारत आए थे, लेकिन जरूरी परमिट लिए बिना पूर्वोत्तर चले गए। वे बाद में मिजोरम से म्यांमार चले गए, जहां उन्होंने एथनिक हथियारबंद ग्रुप्स के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया।
उन्होंने ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली टेक्नीक और जैमिंग टेक्नोलॉजी दी, जो इलाके में सक्रिय हथियारबंद ग्रुप से जुड़ी एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
एजेंसी उनके और चिन नेशनल फ्रंट और काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी के संबंधों की भी जांच कर रही है।
जमानत
क्यों दी गई डिफॉल्ट जमानत?
NIA ने 8 सितंबर को 180 दिन की जांच पूरी होने के बाद पहला आरोपपत्र दायर किया था।
आरोपपत्र में, एजेंसी ने बिना इजाजत प्रवेश और दूसरे इमिग्रेशन उल्लंघनों से जुड़े नियमों का इस्तेमाल किया। उसने UAPA के अपराधों का इस्तेमाल नहीं किया था।
वैनडाइक ने कोर्ट में डिफॉल्ट जमानत की मांग करते हुए कहा कि एजेंसी ने तय समय में UAPA अपराधों की जांच पूरी नहीं की है। तब 18 सितंबर को NIA कोर्ट ने जमानत दे दी।