दिल्ली-NCR में कोहरा बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण बढ़ा, GRAP-3 प्रतिबंध फिर लागू
क्या है खबर?
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण एक बार फिर बढ़ गया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने ग्रेटेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत तीसरे चरण की पाबंदियों को फिर लागू कर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 जनवरी को ही दिल्ली में वायु प्रदूषण कम होने के बाद GRAP के तीसरे चरण के तहत सभी प्रतिबंध हटा दिए थे। अब वायु गुणवत्ता में दोबारा से गिरावट आने के बाद इसे लागू किया गया है।
पाबंदियां
GRAP-3 के तहत क्या होंगी पाबंदियां
GRAP-3 में BS-III वाले पेट्रोल वाहनों और BS-IV के डीजल वाहनों को दिल्ली-NCR में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। पूरे NCR में निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध और खनन से जुड़ी गतिविधियों पर रोक और गैर-इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल अंतरराज्यीय बसों पर प्रतिबंध होगा। ईंट-भट्ठे और स्टोन क्रशर बंद रहेंगे, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक और औद्योगिक स्तर के वेल्डिंग और गैस-कटिंग कार्य पर भी रोक रहेगी। स्कूल कक्षाओं पर भी रोक लग सकती है।
प्रदूषण
दिल्ली में AQI 350 से ऊपर
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 के अंक को पार कर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है, जिसके बाद यह प्रतिबंध लागू किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का AQI 343 था, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में माना जाता है। हालांकि, बुधवार को यह 353 था। गुरुवार को 34 मॉनिटरिंग स्टेशन 'बहुत खराब' श्रेणी में, जबकि 5 'खराब' श्रेणी में थे। पूसा में सबसे खराब AQI 386 रिकॉर्ड किया गया।
पाबंदी
अभी तक लागू थी पहले और दूसरे चरण की पाबंदियां
GRAP को चार चरणों में लागू करते हैं। AQI 200 के ऊपर पहुंचने पर पहला चरण और AQI 355 से ऊपर है तो, ऐसे में GRAP के तहत दूसरे चरण की पाबंदियां लागू होती हैं, जो अब जारी रहेंगी। इसके तहत अब दिल्ली-NCR में केवल नैचुरल, बायो गैस या LPG वाले जनरेटर चलेंगे। कुछ निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन पर रोक रहेगी। पार्किंग शुल्क बढ़ेगा, CNG, इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं को बढ़ाया जाएगा। सड़कों पर पानी का छिड़काव होगा।