दिल्ली मेट्रो ने गढ़ा समय की पाबंदी का नया मानक, '59-सेकंड' नियम पर 99.95 प्रतिशत ट्रेनों की अचूक टाइमिंग
दिल्ली मेट्रो समय पर चलने के नए मानक स्थापित कर रही है। उसने '59-सेकंड का नियम' लागू किया है, जिसके तहत अगर कोई ट्रेन 59 सेकंड से ज्यादा लेट होती है, तो उसे देरी से चली ट्रेन माना जाता है। साल 2002 में शुरू होने के बाद से मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर अब 416.5 किलोमीटर और 303 स्टेशनों तक पहुंच गया है, इसके बावजूद 2026 में मेट्रो ने 99.95 प्रतिशत की शानदार समय की पाबंदी दर्ज की है।
दिल्ली मेट्रो: 2 मिनट 18 सेकंड का अंतराल, तालमेल जरूरी
यह सिर्फ वाहवाही बटोरने की बात नहीं है, बल्कि ट्रेनों का सटीक समय पर चलना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी देरी पूरे शेड्यूल को बिगाड़ सकती है, प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ा सकती है और यात्रियों को ज्यादा देर इंतजार करवा सकती है।
सबसे व्यस्त रूटों पर अब ट्रेनें हर 2 मिनट 18 सेकंड में आती हैं, जबकि पहले यह अंतराल 7 मिनट का था। ऐसे में, ड्राइवरों, सिग्नलों और समय-सारिणी के बीच शानदार तालमेल पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है, ताकि लोगों का सफर तेज और भरोसेमंद बना रहे।