दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 के मैगी विवाद से जुड़ी आपराधिक शिकायतों को रद्द किया
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दिल्ली हाई कोर्ट ने मैगी नूडल्स से जुड़े 2 पुराने आपराधिक मामले खत्म कर दिए हैं। ये मामले साल 2015 में मैगी नूडल्स में तय सीमा से ज्यादा लेड पाए जाने के आरोप से जुड़े थे। अदालत ने कहा कि अब इन मामलों को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि बाद के वैज्ञानिक परीक्षणों और अदालती फैसलों से यह साफ हो गया है कि शुरुआती आरोप बेबुनियाद थे।
सुप्रीम कोर्ट के नए परीक्षण ने मैगी को दी क्लीन चिट
इस पूरे विवाद की शुरुआत दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से किए गए कुछ परीक्षणों से हुई थी। लेकिन उन नतीजों को इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि जिन लैब में ये टेस्ट हुए थे, उन्हें ठीक से मान्यता नहीं मिली थी।
इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा हुए टेस्ट में पता चला कि मैगी में लेड की मात्रा तय सुरक्षित सीमा के भीतर ही थी।