दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल ने डिलीवरी एजेंट को गोली मारी, 'घृणा अपराध' को लेकर भड़का सियासी हंगामा
26 अप्रैल को द्वारका में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने एक डिलीवरी एजेंट को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से लोगों में भारी रोष है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि बिहार से आए प्रवासियों के खिलाफ एक 'घृणा अपराध' था। बिहार के कई सांसदों ने भी इस दावे का समर्थन किया है, जो पीड़ित परिवार से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है।
तेजस्वी यादव, मनोज तिवारी ने जवाबदेही मांगी
तेजस्वी यादव और मनोज तिवारी जैसे कई नेता इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो सरकार पर बिहारियों के खिलाफ भेदभाव का आरोप भी लगाया है।
बताया जा रहा है कि यह मामला शोरगुल की एक शिकायत से शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। पीड़ित के चचेरे भाई ने बताया कि गोली चलाने से पहले उन्हें उनकी भाषा को लेकर काफी अपशब्द कहे गए। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि उन्हें अपने भाई के लिए बस न्याय चाहिए। यह घटना दिल्ली में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर बढ़ रही चिंताओं को भी उजागर करती है।