दिल्ली की नई ड्रोन नीति: प्रदूषण पर वार, महिला सुरक्षा मजबूत और हजारों रोजगार का फायदा
दिल्ली ने 2026-27 से 2030-31 के लिए एक ड्रोन नीति का मसौदा तैयार किया है। इसका मकसद ड्रोन का इस्तेमाल कर वायु प्रदूषण, निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, यमुना नदी पर हो रहे अवैध कब्जों और कचरे पर निगरानी रखना है।
इसके अलावा, जोखिम भरे इलाकों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे महिलाओं की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
दिल्ली नीति में 85 करोड़ रुपये की सहायता
इस नीति का लक्ष्य 1,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करना, 5,000 लोगों को प्रशिक्षित करना और 85 करोड़ रुपये के बजट से 25 से ज्यादा ड्रोन कंपनियां स्थापित करना है। इसके साथ ही, निवेशकों को 20 प्रतिशत तक की पूंजी सब्सिडी मिलेगी, जो अधिकतम 5 करोड़ तक हो सकती है। साथ ही SGST की वापसी, किराए में छूट, प्रशिक्षण शुल्क में सहायता और शोध के लिए अनुदान भी दिया जाएगा। अंतिम मंजूरी मिलने से पहले, आम जनता इस मसौदे पर अपनी राय दे सकेगी।