कुलदीप सेंगर मामले से जुड़े जाली प्रमाण पत्र दावे पर दिल्ली कोर्ट का आदेश, हर 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब
दिल्ली की एक अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़े एक मामले में आगे की जांच करने का निर्देश दिया है। यह मामला पीड़िता और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज हुआ था। इस बार जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या पीड़िता के परिवार ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है। यह कदम एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर आकाशमणि त्रिपाठी की अर्जी के बाद उठाया गया।
उनकी अर्जी में कहा गया है कि शशि सिंह, जिन्हें 2019 में बरी कर दिया गया था, उनके एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि उनकी उम्र साबित करने के लिए एक जाली स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया गया था, ताकि पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर को झूठे मामले में फंसाया जा सके।
कोर्ट ने हर 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
जज ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई शुरुआती चार्जशीट में कई बड़ी कमियां गिनाईं। इनमें गवाहों के बयान न होना और सबूत के तौर पर पेश किए गए स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर सवाल खड़े होना शामिल है। अब अदालत ने जांच की प्रगति रिपोर्ट हर 2 हफ्ते में पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार जांच में कोई कमी न रहे।