दिल्ली IVF क्लिनिक का चौंकाने वाला धोखा: दंपति की कोख में पाले दूसरों के भ्रूण, DNA ने खोली पोल
दिल्ली के राहुल और मीनू राठौर दंपति का आरोप है कि जिस IVF क्लिनिक में वे इलाज करा रहे थे, उसने उन्हें गलत भ्रूण दे दिए। उनका शक तब गहराया जब जनवरी 2026 में जन्मी उनकी जुड़वां बेटियां उनसे बिलकुल अलग दिख रही थीं। DNA टेस्ट से पता चला कि इन बच्चियों का उनसे जैविक रूप से कोई संबंध नहीं है। सामने आया कि ये जुड़वां बच्चियां गुमनाम दानदाताओं के भ्रूण से पैदा हुई थीं और क्लिनिक ने उन्हीं का इस्तेमाल किया था।
दंपति ने भ्रूण की अदला-बदली और जालसाजी के लगाए आरोप
राठौर दंपति का आरोप है कि क्लिनिक ने उनकी मर्जी के बिना भ्रूण बदल दिए। इतना ही नहीं, जब मीनू बेहोश थीं, तब उनके दस्तखत भी जाली तरीके से लिए गए। पुलिस के कार्रवाई न करने पर, दिल्ली की एक अदालत ने मार्च में FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने इस मामले में IVF कानून के उल्लंघन और बाल तस्करी की आशंका जताई थी। क्लिनिक ने इस जांच को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। ऐसे में, अब भी कई सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं। राहुल का कहना है कि उन्होंने पिछले 5 महीने असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (SRT) एक्ट को समझने में लगाए हैं। पिछले 5 महीने से ये दोनों दंपति अपने सवालों के जवाब पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।