दिल्ली में अवैध PG पर चलेगा बुलडोजर, सत्य निकेतन हादसे में 5वीं गिरफ्तारी
क्या है खबर?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी वरिष्ठ MCD अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहें। उन्होंने अधिकारियों से दिल्ली के सभी PG हॉस्टलों का निरीक्षण करने और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। यह आदेश सत्य निकेतन में PG ढहने के बाद दिया गया है, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी।
आदेश
अवैध निर्माण के दोषियों की पहचान की जाए- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री गुप्ता ने अधिकारियों को सभी PG हॉस्टलों का निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही संबंधित इमारतों के रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो निर्माण अवैध पाया जाता है, उसके दोषियों की पहचान की जाए।
अधिकारियों को यह पता लगाने को कहा गया है कि किसी इमारत में अवैध निर्माण कब कराया गया था और इसकी जिम्मेदारी किस विभाग या प्राधिकरण के पास थी।
गिरफ्तारी
PG संचालक और ठेकेदार गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने PG के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार किया है। उसका साथी शुभम त्यागी अभी फरार है।
दरअसल, इमारत के मालिक हरिराम बंसल के बेटे महेश बंसल ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उन्होंने अगस्त 2025 से इमारत को शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दे दिया था।
इससे पहले सनोज नाम के एक ठेकेदार को भी उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया था।
अब तक मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
नियम
PG की मनमानियों पर लगेगी रोक
दिल्ली सरकार PG के लिए नए नियम बनाने पर विचार कर रही हैं। इनमें सभी PG का अनिवार्य पंजीकरण, किराए का विनियमन, CCTV निगरानी और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
इंडिया टुडे के मुताबिक, हर PG को 90 दिन के भीतर पंजीकरण कराना और लाइसेंस प्राप्त करना होगा। पुलिस, नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से NOC भी लेनी होगी।
मनमाने किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर भी प्रावधान किए जाएंगे।
इमारत
इमारत ढहने से 7 लोगों की हुई थी मौत
6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन में PG हॉस्टल की इमारत ढह गई थी। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 5 छात्र और एक मजदूर था।
हादस के वक्त इमारत के मरम्मत का काम चल रहा था। जांच में पता चला था कि इमारत को बिना अनुमति 5 मंजिल का बनाया गया था और वहां सुरक्षा के भी उपाय नहीं थे।