दिल्ली: प्रदूषण से निपटने के लिए वाहनों पर प्रतिबंध की तैयारी, संयुक्त टीमों का होगा गठन
क्या है खबर?
सर्दियों की शुरुआत और त्योहारी मौसम आते ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुद्दा फिर जोर पकड़ने लगा है। अब यातायात पुलिस ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय लागू करने का फैसला लिया है। इनमें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप, नियमों का पालन न करने वाली बसों को दिल्ली की सीमाओं पर डायवर्ट करना, वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना और संयुक्त टीमों का गठन करना शामिल है।
बैठक
दिल्ली यातायात पुलिस ने की बैठक
दिल्ली यातायात पुलिस ने 22 अक्टूबर को शहर की नागरिक एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों सहित अन्य संबंधित हितधारकों के साथ एक अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक की।
इसमें योजनाओं और उनके कार्यान्वयन रणनीतियों पर चर्चा की गई।
हिंदुस्तान टाइम्स को पुलिस उपायुक्त (यातायात) एसके सिंह ने बताया कि बैठक का उद्देश्य श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा जारी निर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना था।
ग्रुप
समन्वय के लिए बनेगा अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने निर्देश दिया कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को जोड़ा जाएगा।
एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए CAQM के निर्देशों और विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में वास्तविक समय में जानकारी साझा की जा सकेगी। इससे संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की निगरानी में भी मदद मिलेगी।"
वाहन
बसों को नहीं होगी दिल्ली में आने की अनुमति
विशेष पुलिस कांस्टेबल चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों का पालन न करने वाली अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों को दिल्ली में प्रवेश न करने दिया जाए।
ऐसे वाहनों को सीमाओं से ही वापस भेज दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "निर्देशों के अनुसार, निर्धारित शर्तों के अधीन दिल्ली में केवल EV, CNG, और BS-VI डीजल बसों को ही अनुमति है। साथ ही, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अन्य कदम
ये कदम भी उठाए जाएंगे
दिल्ली की सीमाओं पर प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी।
अधिकारियों को प्रवेश निषेध समय को सख्ती से लागू करने, ओवरलोड वाहनों की जांच करने और मानदंडों का उल्लंघन करते हुए निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
नगर निगम एजेंसियों को चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने, धूल कम करने और सड़कों और निर्माण स्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के लिए कहा गया है।