
राजस्थान: पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर दलित युवती का अपहरण किया, फिर गैंगरेप के बाद हत्या की
क्या है खबर?
राजस्थान के बीकानेर जिले में एक दलित युवती की गैंगरेप के बाद हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने युवती का अपहरण करने के बाद उसके साथ गैंगरेप किया और अपराध को छिपाने के लिए उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया।
इस मामले में 2 पुलिसकर्मियों समेत 3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
वारदात
क्या है पूरा मामला?
युवती के परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवती कंप्यूटर की क्लास लेने के लिए खाजूवाला में एक कोचिंग सेंटर जाती थी और मुख्य आरोपी दिनेश बिश्नोई पिछले 15 दिनों से उसका पीछा कर रहा था।
दिनेश ने मंगलवार को खाजूवाला थाने में तैनात 2 पुलिस कांस्टेबलों के साथ मिलकर पीड़िता का अपहरण कर लिया और उसे अपने घर ले गए।
इसके बाद आरोपियों ने युवती का गैंगरेप किया और फिर इसे छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी।
बयान
मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है पुलिस
बीकानेर के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ओमप्रकाश ने कहा, "युवती का शव खाजूवाला इलाके में एक सिनेमा हॉल के पास मिला। युवती के परिजनों के आरोप के बाद दोनों पुलिसकर्मियों, भगीरथ बिश्नोई और मनोज बिश्नोई, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।"
बता दें कि घटना के बाद से मुख्य आरोपी दिनेश बिश्नोई फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
बयान
पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज किया केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (रेप) और धारा 302 (हत्या) समेत अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बतौर रिपोर्ट्स, युवती के दलित होने के कारण मामले में SC/ST अधिनियम की धारा के तहत भी केस दर्ज किया जाएगा।
राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हमला
भाजपा ने राजस्थान सरकार पर उठाए सवाल
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी ने घटना को लेकर कांग्रेस की राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने ट्वीट किया, 'अशोक गहलोत जी, आप कितने दावे कर लीजिए, लेकिन महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में आप विफल हैं। मामले में नामजद आरोपियों में पुलिसकर्मी का शामिल होना आपकी सरकार के माथे पर बड़ा कलंक है।'
उन्होंने कहा कि यह घटना सरकारी तंत्र की लापरवाही का नतीजा है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।