दादरा-नगर हवेली में 30 प्रतिशत मतदाता 'गायब', जानें क्यों
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव की ड्राफ्ट चुनावी सूची से लगभग 30 प्रतिशत नाम हटा दिए गए हैं, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। अधिकारियों ने बताया कि इसकी मुख्य वजह यहां की बड़ी प्रवासी आबादी है, जहां लोग काम के सिलसिले में आते-जाते रहते हैं।
सत्यापन के बाद करीब 70 प्रतिशत नाम बचे
कुल 4.28 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से सत्यापन के बाद सिर्फ लगभग 70 प्रतिशत नाम ही सूची में बने रह पाए। ज्यादातर नाम इसलिए हटाए गए क्योंकि लोग अपने दिए हुए पते पर नहीं मिले (22.5 प्रतिशत)। इसके साथ ही, जो लोग कहीं और चले गए थे (4.6 प्रतिशत) और जिनकी मृत्यु हो चुकी थी (1.7 प्रतिशत), उनके नाम भी सूची से हटा दिए गए।
इस क्षेत्र की कुल आबादी 6.8 लाख है, जिसमें से लगभग 3 लाख प्रवासी हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए यह बदलाव बहुत चौंकाने वाला नहीं लगता। अगर किसी मतदाता का नाम गलती से सूची से हट गया है, तो वह 11 अगस्त को अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले उसे ठीक करवा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरकर नया पंजीकरण किया जा सकता है।