दिल्ली में 60.8 डिग्री पर तप रही है 99 प्रतिशत जमीन, 10 साल में तेजी से घटी हरियाली
विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (CSE) की एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इसमें बताया गया है कि 2015 से 2024 के बीच दिल्ली की 99 प्रतिशत से ज्यादा जमीन कम से कम एक बार गर्मी की मार झेल चुकी है। वहीं, शहर के 76 प्रतिशत हिस्से के लिए तो पिछले 10 सालों से यह गर्मी लगातार एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुछ इलाकों में तो जमीन का तापमान 60.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि हवा के तापमान से काफी ज्यादा है।
दिल्ली का हरा-भरा हिस्सा घटकर 14.1 प्रतिशत रहा
इस स्थिति के पीछे तेजी से बढ़ता शहरीकरण और लगातार घटते हरे-भरे इलाके हैं। सिर्फ 10 सालों में दिल्ली का हरा-भरा हिस्सा 25.4 प्रतिशत से गिरकर सिर्फ 14.1 प्रतिशत रह गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब रातों में भी उतनी ठंडक नहीं मिल पाती और दिन में भी ज्यादा गर्मी महसूस होती है। आंकड़ों के मुताबिक, 92 प्रतिशत निर्माण स्थल ऐसे इलाकों में हैं जो गर्मी की चपेट में हैं। इस रिपोर्ट का सार यह है कि शहर की बेहतर योजना और ज्यादा हरियाली बहुत जरूरी है, ताकि हर कोई इस बढ़ती गर्मी का सामना कर सके।