नए आपराधिक कानूनों का कमाल, 23 राज्यों में जांच 25 प्रतिशत तक तेज
भारत में नए आपराधिक कानून 1 जुलाई 2024 से लागू हो गए हैं। इन कानूनों को लागू करने में हरियाणा, गोवा, पंजाब, असम और चंडीगढ़ जैसे राज्य सबसे आगे चल रहे हैं। अब तक, दिल्ली समेत कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 23 राज्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर तय 70.1 प्रतिशत का लक्ष्य पार कर लिया है। सरकार तकनीकी सुधारों, प्रशासनिक बदलावों और डेटाबेस के बेहतर तालमेल के आधार पर इस प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए है।
ICJS 2.0 जांच के समय को 25 प्रतिशत कम कर रहा
इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 ने आपराधिक न्याय प्रक्रिया में काफी तेजी ला दी है। इसकी वजह से जांच में लगने वाला समय 25 प्रतिशत तक कम हो गया है। चार्जशीट दाखिल करने की दर भी 51 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है, वहीं 2024 से अब तक FIR दर्ज होने की संख्या 17.8 लाख से बढ़कर 74.4 लाख तक पहुंच गई है। अब तक, 117 करोड़ से भी ज्यादा डेटाबेस सर्च किए जा चुके हैं, जिससे मामलों की सुनवाई में गति आई है। खास बात यह है कि लगभग 250 ऐसे मामले हैं जो FIR दर्ज होने के 6 महीने से भी कम समय में ट्रायल तक पहुंच गए। हालांकि, ज्यादातर राज्य इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, पर कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में कनेक्टिविटी की समस्या और नई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर झिजक की वजह से वे थोड़ा पीछे छूट रहे हैं।