चंपत राय: केमेस्ट्री प्रोफेसर से लेकर राम मंदिर में अहम जिम्मेदारी तक का सफर
राम मंदिर प्रोजेक्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने एक पूर्व सहायक की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफा दे दिया है। इस सहायक पर मंदिर के लिए मिले दान के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा है। चंपत राय का यह इस्तीफा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वे दशकों से मंदिर निर्माण के अभियान का प्रमुख चेहरा रहे हैं और इसकी देखरेख में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी।
चंपत राय ने 2000 करोड़ की चंदे की अगुवाई की
राय ने 1980 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़ने से पहले एक केमिस्ट्री लेक्चरर के तौर पर काम किया था। अपने काम की बारीकियों की वजह से उन्हें 'राम लल्ला के रिकॉर्ड कीपर' के नाम से जाना जाने लगा। उन्होंने कानूनी लड़ाइयों में अहम भूमिका निभाई, 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडरेजिंग की कमान संभाली और भूमि पूजन के साथ-साथ 2024 में मंदिर के उद्घाटन जैसे बड़े पड़ावों की भी निगरानी की। उनका यह इस्तीफा ऐसे वक्त आया है, जब जांच एजेंसियां ट्रस्ट के भीतर वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही हैं।