राम मंदिर विवाद: चंपत राय ने SBI संग समझौते पर 'बिना सहमति' के हस्ताक्षर का आरोप लगाया
चंपत राय ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका एक पत्र इन दिनों ऑनलाइन खूब चर्चा में है, जिसमें उन्होंने दान के प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पत्र में उन्होंने अपने साथी ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर आरोप लगाया है कि फरवरी 2025 में, जब महाकुंभ के दौरान दान की भारी आवक हो रही थी, उन्होंने SBI की अयोध्या शाखा के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) उनकी सहमति के बिना ही साइन कर दिया।
राय ने प्रक्रियात्मक और नकद संबंधी कमियों का आरोप लगाया
राय के मुताबिक, वित्तीय लेन-देन के अधिकार उनके और मिश्रा दोनों के पास थे, लेकिन मिश्रा ने अकेले ही यह फैसला लिया और सभी नियमों व प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि नए समझौते के तहत SBI और उसके बाहरी कर्मचारियों ने नकद का प्रबंधन किस तरह किया, उनका दावा है कि इसमें कई खामियां रह गईं।
ट्रस्ट ने राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया। राय ने वरिष्ठ बैंक अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच करने की अपील करते हुए साफ कहा है कि यह MoU उनकी अनुमति के बिना ही साइन किया गया था।