CBSE का बड़ा बदलाव, 9वीं और 10वीं कक्षा में अब व्यावसायिक शिक्षा जरूरी
छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए CBSE ने 9वीं और 10वीं में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है।
अब छात्रों को कौशल विकास प्रोग्राम या फिर डेटा साइंस और रिटेल जैसे 22 कौशल-आधारित विषयों में से किसी एक को चुनने का विकल्प मिलेगा।
जो छात्र कोई कौशल विषय चुनेंगे, उन्हें 10वीं में बोर्ड परीक्षा देनी होगी; जबकि कौशल विकास प्रोग्राम चुनने वालों का मूल्यांकन स्कूल के भीतर ही किया जाएगा।
CBSE ने 33 प्रतिशत पास होने की शर्त तय की
CBSE इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी और पर्यावरण शिक्षा जैसे विषयों को हटा रहा है। खास बात यह है कि अगर कोई छात्र किसी कौशल विषय में पास हो जाता है, तो वह गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय की जगह ले सकता है। इससे छात्रों को थोड़ी सहूलियत मिलेगी।
कुल मिलाकर पास होने के लिए हर मुख्य विषय (दो भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इन 33 प्रतिशत अंकों में बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के अंक दोनों शामिल होंगे।