NEET-UG पेपर लीक में NTA विशेषज्ञों का चौंकाने वाला खेल, CBI चार्जशीट में खुलासा
CBI ने अपनी चार्जशीट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा में बड़ी कमियां बताई हैं, जिसकी वजह से NEET-UG 2026 का पेपर लीक हुआ।
चार्जशीट के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंडारे और मनीषा हवालदार जैसे विशेषज्ञों को मॉडरेटिंग और ट्रांसलेशन के दौरान पूरे प्रश्न पत्र तक पहुंच थी, जिससे उनके लिए सवाल लीक करना बेहद आसान हो गया।
कुलकर्णी पर 135 केमिस्ट्री के सवाल कॉपी करने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, कुलकर्णी ने ट्रांसलेशन के दौरान 135 केमिस्ट्री के सवालों को छोटी पर्चियों पर लिख लिया था। मनीषा मंडारे ने NCERT की जानकारी का इस्तेमाल करते हुए गुप्त सवालों को दोबारा तैयार किया, जबकि मनीषा हवालदार का नाम भी चार्जशीट में शामिल है।
CBI की जांच में यह भी सामने आया कि NTA के दिल्ली दफ्तर में CCTV का बैकअप सिर्फ 20 से 25 दिन का था। न तो CCTV फुटेज को लाइव मॉनिटर किया जाता था और न ही विशेषज्ञों की तलाशी ली जाती थी।
इन कमियों के चलते पेपर लीक जैसी घटनाएं आसानी से हो गईं और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। तीनों ने गोपनीयता की शर्तों पर दस्तखत किए थे, लेकिन उन पर गोपनीय सवालों को अपने पास रखने, उनकी नकल बनाने और उन्हें बांटने का आरोप है।