
हाथरस मामला: CBI ने चार्जशीट में कहा- आरोपियों ने ही किया था गैंगरेप और हत्या
क्या है खबर?
केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने शुक्रवार को हाथरस रेप कांड में चार्जशीट दायर कर दी है। यह चार्जशीट 22 सितंबर को रेप पीड़िता द्वारा दिए आखिरी बयान पर आधारित है।
हाथरस जिला अदालत में यह चार्जशीट दायर की गई है।
NDTV के अनुसार, मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों के वकील ने बताया कि CBI ने चारों पर पीड़िता के साथ गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही उन्हें SC/ST एक्ट के तहत भी आरोपी बनाया गया है।
पृष्ठभूमि
क्या है हाथरस कांड?
14 सितंबर को हाथरस जिले के एक गांव में रहने वाली 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित तौर पर चार लोगों ने गैंगरेप किया था।
दो सप्ताह तक जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ने के बाद 29 सितंबर को पीड़िता ने दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली से पीड़िता का शव लाकर परिवारजनों की मर्जी के विपरित आधी रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।
जांच
आरोपियों के फॉरेंसिक टेस्ट करा चुकी है CBI
हाथरस मामले के राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी CBI जांच के आदेश दिए थे।
जांच अपने हाथ में लेने के बाद CBI ने न्यायिक हिरासत में बंद चारों आरोपियों की भूमिका की जांच की। आरोपियों के गांधीनगर स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब में कई फॉरेंसिक टेस्ट भी हुए थे।
CBI के अधिकारियों ने जांच के दौरान उन डॉक्टरों से भी मुलाकात की, जिन्होंने गैंगरेप के बाद पीड़िता का इलाज किया था।
जांच
एक आरोपी नाबालिग
इंडिया टुडे के अनुसार, जांच के दौरान CBI को पता चला कि चारों में से एक आरोपी नाबालिग है। स्कूल की मार्कशीट के अनुसार उस आरोपी की उम्र 18 साल से कम है। इस पर CBI ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जांच पर भी सवाल उठाए थे।
नाबालिग आरोपी की मां ने बताया कि CBI की टीम उनके घर आकर मार्कशीट लेकर गई थी। मार्कशीट के साथ-साथ CBI अधिकारी उनके बड़े बेटे के कपड़े भी लेकर गए थे।
जानकारी
पीड़िता के भाई का भी होगा फॉरेंसिक टेस्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBI पीड़िता के भाई को भी फॉरेंसिक टेस्ट के लिए गांधीनगर लेकर जाएगी। यहां उसका साइकलॉजिकल असेसमेंट भी किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में पीड़िता के भाई ने ही FIR दर्ज कराई थी।
बयान
उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया गैंगरेप से इनकार
परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर पीड़िता के अंतिम संस्कार और मामले की जांच में ढिलाई के आरोपों से घिरी उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगरेप की घटना से इनकार किया था।
पुलिस ने कहा था कि मृतका की फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चला है कि उसके साथ रेप नहीं हुआ था।
राज्य के ADG (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा था कि जो सैंपल एकत्रित किए गए थे, उनमें किसी तरह का स्पर्म और शुक्राणु नहीं पाए गए थे।
घटना
मामले को लेकर प्रधानमंत्री ने की थी योगी से बातचीत
रेप पीड़िता के अंतिम संस्कार से अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की थी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
दूसरी तरफ इस मामले पर राजनीति भी खूब तेज रही थी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनके लिए न्याय की मांग की थी।