BRICS विदेश मंत्रियों का सम्मेलन बिना साझा बयान के खत्म, ईरान युद्ध पर सामने आए मतभेद
क्या है खबर?
दिल्ली में चल रही BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बिना किसी संयुक्त बयान जारी किए खत्म हो गई। बताया जा रहा है कि सदस्य देशों के बीच ईरान युद्ध को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई। संयुक्त घोषणा के बजाय भारत ने अध्यक्ष का एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि सदस्य देशों के पश्चिम एशिया की स्थिति पर अलग-अलग विचार हैं। बता दें कि दिल्ली में 14 मई से 2 दिवसीय सम्मेलन चल रहा था।
भारत
भारत ने बताया क्यों नहीं जारी हो पाया संयुक्त बयान
भारत ने बयान में कहा कि सदस्यों ने संप्रभुता, समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया में नागरिक बुनियादी ढांचे और नागरिक जीवन की सुरक्षा सहित मुद्दों पर अपने-अपने राष्ट्रीय दृष्टिकोण व्यक्त किए और कई तरह के परिप्रेक्ष्य साझा किए हैं। बयान में ये भी कहा गया कि गाजा पट्टी और लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षा से संबंधित अनुभागों के कुछ हिस्सों के बारे में एक सदस्य को आपत्ति थी।
सहमति
इन मुद्दों पर बनी सहमति
पश्चिम एशिया पर गतिरोध के बावजूद, समूह ने ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) पर सहयोग का विस्तार करने, व्यापार तंत्र को मजबूत करने, जलवायु कार्रवाई, वित्तीय समावेशन और वैश्विक शासन संस्थानों में सुधार करने सहित लगभग 60 अन्य एजेंडों पर आम सहमति बनाने में कामयाबी हासिल की। अधिकारियों ने कहा कि भू-राजनीतिक मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, समूह ने जलवायु साझेदारी और सतत विकास पहलों पर चर्चा को आगे बढ़ाया।
बयान
गाजा में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग
सदस्यों ने एक व्यापक बयान में इजरायली सैन्य अभियानों, एकतरफा टैरिफ और सीमा पार आतंकवाद की निंदा की। इसके अलावा गाजा पट्टी में तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग की गई, बढ़ते वैश्विक व्यापार संरक्षणवाद की निंदा की गई और विकासशील दुनिया के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय शासन की संरचना को नया रूप देने की महत्वाकांक्षा की पुष्टि की गई। समूह ने सभी पक्षों से गाजा में तत्काल, स्थायी और बिना शर्त युद्धविराम पर सहमत होने का आह्वान किया।
टैरिफ
बयान में पहलगाम हमले और टैरिफ का भी जिक्र
मंत्रियों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों के उदय पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि ये व्यापार को विकृत करते हैं और WTO नियमों के अनुरूप नहीं हैं। मंत्रियों ने 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधार की मांग दोहराई और अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की मांग की।
प्लस
क्या है BRICS?
BRICS प्रमुख उभरती हुए अर्थव्यवस्था वाले 5 देशों का समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। 2009 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने इसकी स्थापना की थी। 2010 में दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हुआ। 2024 में समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE को जोड़ा गया। BRICS देश वैश्विक जनसंख्या के 49.5 प्रतिशत, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।