बॉम्बे हाई कोर्ट ने पार्षद रमेश म्हात्रे को लगाई कड़ी फटकार, जमानत पर रोक
डोम्बिवली के एक अस्पताल में डॉक्टरों को पीटते हुए वीडियो में दिखे शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। यह पूरा मामला एक गर्भवती महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि जनता की सेवा का वादा कर चुनाव जीतने वाले किसी जनप्रतिनिधि का ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
कोर्ट ने म्हात्रे की जमानत पर रोक लगाई
जजों ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "आप जनता की सेवा का वादा कर वोट मांगते हैं, लेकिन चुने जाने के बाद लोगों पर हमला करते हैं।" इसके बाद कोर्ट ने म्हात्रे की जमानत पर रोक लगा दी और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपा। पीड़ितों और गवाहों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी, साथ ही उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। कोर्ट ने पुलिस पर भी सवाल उठाए कि उन्होंने म्हात्रे को सम्मान क्यों दिया, क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति दी गई। अदालत ने 31 जुलाई को अगली सुनवाई रखी है। जमानत पर कोई भी फैसला लेने से पहले जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी।