20 करोड़ रुपये का मानहानि केस 2046 तक स्थगित, बॉम्बे हाई कोर्ट का चौंकाने वाला आदेश
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एक अनोखे कदम में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 20 करोड़ रुपये के मानहानि मामले को 2046 तक के लिए रोक दिया है। यह मामला तब उठा जब एक बुजुर्ग महिला और उनकी बेटी को अपनी दक्षिण मुंबई हाउसिंग सोसाइटी की मीटिंग के नोट्स में 'डिफॉल्टर' (यानी बकाया न चुकाने वाला) बताया गया। इसके बाद उन्होंने सोसाइटी समिति पर मुकदमा कर दिया। चूंकि समझौते की बात नहीं बन पाई, जस्टिस जितेंद्र जैन ने सुझाव दिया कि अगले 2 दशकों तक इस मामले को फिर से न उठाया जाए।
हाउसिंग कमेटी की माफी ठुकराई, कोर्ट ने चेतावनी दी
कमेटी के सदस्यों ने भले ही बिना शर्त माफी मांग ली थी, लेकिन वह महिला इसे खत्म करने को तैयार नहीं हुईं। कोर्ट ने साफ कहा कि उनकी इस आपसी लड़ाई, खासकर उनकी इस उम्र में, अदालती सिस्टम पर बोझ डाल रही है और इससे दूसरे जरूरी मामलों पर से ध्यान हट रहा है। इसलिए, जब तक कोई बदलाव नहीं होता, यह मामला साल 2046 तक ऐसे ही रुका रहेगा।