
अमेठी के बाद अब बेगूसराय मे भाजपा के पंचायत प्रमुख की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
क्या है खबर?
बिहार के बेगूसराय में एक भाजपा कार्यकर्ता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता और पंचायत प्रमुख पंकज की शुक्रवार सुबह उनके गांव स्थित घर पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई।
हमलावरों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आइये, इस खबर के बारे में और विस्तार से जानते हैं।
ट्विटर पोस्ट
घटनास्थल की तस्वीरें
Begusarai: BJP Panchayat President Gopal Singh died late last night after he was allegedly hit with an iron road by unidentified men in Amraur Kiratpur village of Singhoul. Police say,"It's a murder. Investigation will be done." #Bihar pic.twitter.com/fd9gIYTf3j
— ANI (@ANI) May 31, 2019
जांच
मामले की जांच में जुटी पुलिस
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि इस खौफनाक हत्या के मकसद का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि किसी हथौड़े जैसी चीज से हमला किया गया है। हालांकि इस बारे में पूरी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आ पाएगी।
इससे पहले गुरुवार को पश्चिम बंगाल में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। पार्टी ने इस हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
पश्चिम बंगाल
गुरुवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की मौत
केतुग्राम के पंडुक गांव में भाजपा कार्यकर्ता सुशील मोंडल की गुरुवार को हत्या कर दी गई थी। इसे लेकर तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
कहा जा रहा है कि ये तीनों तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता है। हालांकि, पुलिस को दी गई शिकायत में इनके राजनीतिक जुड़ाव का जिक्र नहीं है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में हुई थी स्मृति ईरानी के करीबी की हत्या
हाल ही में अमेठी से सांसद चुनी गई स्मृति ईरानी के एक करीबी सहयोगी की बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
अमेठी के बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह को उस समय गोली मारी गई, जब वह बीते शनिवार को अपने घर के बाहर सो रहे थे।
सुरेंद्र ने स्मृति ईरानी की जीत में बड़ा योगदान दिया था।
बता दें कि बरौलिया गांव को दिवगंत मनोहर पर्रिकर ने गोद भी लिया था।
जानकारी
शवयात्रा में शामिल हुई थीं स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी ने घटना के अगले दिन सुरेंद्र सिंह की शवयात्रा में शामिल होकर उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया था। सुरेंद्र की मौत की खबर मिलने के बाद ही स्मृति अगले दिन अमेठी पहुंच गईं थीं। यहां उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की।