बिहार: फर्जी शिक्षकों के नाम पर करोड़ों का घोटाला, 46,000 का वेतन बढाकर 5 लाख किया
क्या है खबर?
बिहार में शिक्षा विभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां के 3 जिलों में शिक्षकों के वेतन रिकॉर्ड में हेराफेरी, HRMS पोर्टल के लॉगिन के दुरुपयोग और फर्जी शिक्षकों के नाम पर भुगतान के मामले सामने आए हैं। शिक्षा विभाग के मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के आंतरिक ऑडिट में ये गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। ये गड़बड़ी करीब 1.85 करोड़ रुपये की है।
ऑडिट
46,000 के वेतन को बढ़ाकर 4.91 लाख किया
ये गड़बड़ी नवादा, पटना और भागलपुर जिले में हुई है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नवादा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप है कि रजौली के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा मंजूर की गई सैलरी शीट में शिक्षक का मासिक वेतन 46,772 रुपये था।
हालांकि, इसमें 4,52,222 रुपये के अनधिकृत 'अन्य भत्ते' जोड़कर कुल वेतन 4,91,772 रुपये कर दिया गया। यानी 3,49,500 रुपये की अनधिकृत वेतन भुगतान किया गया।
दूसरा मामला
पटना में क्या गड़बड़ी सामने आई?
पटना जिले में भी HRMS पोर्टल के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
यहां 14 अक्टूबर को FNS एकेडमी के क्लर्क विजय कुमार विद्यार्थी को निलंबित किया गया है। आरोप है कि उन्होंने विभागीय फंड में 76,71,983 रुपये की गड़बड़ी की।
उन पर जिला शिक्षा पदाधिकारी की आधिकारिक 'मेकर लॉगिन ID' का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोर्टल पर एंट्री करने और अधिक भुगतान कराने का आरोप लगाया गया है।
तीसरा मामला
भागलपुर में फर्जी शिक्षिका के नाम पर 98 लाख का भुगतान
तीसरा मामला भागलपुर का है। यहां जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शशि चंदन चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर कथित तौर पर एक फर्जी शिक्षक के नाम पर HRMS पोर्टल के माध्यम से भुगतान कराने का आरोप है।
भागलपुर में ही तनुश्री नाम की कथित फर्जी शिक्षिका को भी निलंबित किया गया है। उनके नाम पर कई महीनों तक 98,12,773 रुपये का अनधिकृत भुगतान होता रहा। इस मामले में भी 8 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई थी।
जांच
सभी जिलों में जांच के आदेश
गड़बड़ी सामने आने के बाद अब सभी जिलों में जांच के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "अधिकारियों से नवंबर मध्य तक आंतरिक ऑडिट पूरा करने को कहा है। हम HRMS सिस्टम में होने वाली हेराफेरी को रोकने के लिए विशेषज्ञों की भी मदद ले रहे हैं। इन 3 मामलों के नतीजों ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिससे हमें ऑनलाइन भुगतान की एक बेहतर व्यवस्था बनाने की जरूरत महसूस हुई है।"