
दिल्ली में दो जगह लगी आग, तुगलकाबाद में लगभग 1,500 झुग्गी तबाह
क्या है खबर?
मंगलवार सुबह दिल्ली के दो इलाकों में आग लग गई। पहली घटना उत्तर-पश्चिम दिल्ली के केशवपुरम इलाके में हुई जहां एक जूते बनाने का कारखाना जलकर तबाह हो गया।
फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाई। मामले में अन्य सूचनाएं आना अभी बाकी है।
वहीं दूसरी घटना दक्षिण-पूर्व दिल्ली के तुगलकाबाद में हुई, जहां लगभग 1,500 झुग्गियां जलकर तबाह हो गईं।
दोनों घटनाओं में किसी मानवीय क्षति की खबर नहीं है।
मामला
तुगलकाबाद में आगजनी के समय झुग्गियों में सो रहे थे लोग
तुगलकाबाद की झुग्गी बस्ती में सोमवार-मंगलवार की बीच रात में आग लगी। फायर बिग्रेड के अनुसार, उन्हें सुबह 12:50 बजे फोन घटना के संबंध में एक कॉल आया और तत्काल आग बुझाने की 28 गाडियों को मौके पर भेजा गया।
घटना के समय ज्यादातर झुग्गी वाले सो रहे थे और कोई बड़ी घटना हो सकती थी, लेकिन पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रिपोर्ट
लगभग 1,500 झुग्गियों में लगी आग
NDTV के अनुसार, आग पर सुबह 3:40 बजे के आसपास काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक लगभग 1,500 झुग्गियां जल चुकी थीं। दिल्ली सरकार अभी नुकसान का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "हमें तुगलकाबाद की झुग्गी बस्ती में आग की सूचना सुबह 1 बजे के आसपास मिलीष पुलिस का पूरा स्टाफ तत्काल वहां पहुंच गया।"
बयान
स्थानीय लोग नहीं पा सके आग पर काबू- मीणा
मीणा ने बताया, "स्थानीय लोग कह रहे हैं कि आग लगने के बाद ज्यादातर लोग अपनी झुग्गियों से बाहर आ गए। हालांकि वे इसे बुझा नहीं सके क्योंकि आग काफी भीषण थी।" मामले में अभी तक किसी व्यक्ति को नुकसान की खबर नहीं है।
अन्य घटना
अनाज मंडी के अग्निकांड में मरे थे 43 मजदूर
गौरतलब है कि दिल्ली में भीषण आगजनी की घटना पिछले साल 8 दिसंबर की रात को हुई थी। यहां अनाज मंडी स्थित एक इमारत में आग लग गई थी और घटना के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे।
घटना में 43 लोग मारे गए थे जिनमें से कम से कम पांच नाबालिग थे। मरने वाले सभी मजदूर थे।
इमारत से बाहर निकलने का केवल एक पतला सा रास्ता था, इसलिए कई मजदूर बाहर निकलने में नाकाम रहे।