बेंगलुरु का ये अस्पताल अब DNA से दिलाएगा नेपाल में लापता अपनों की पहचान
अगर कर्नाटक से कोई परिवार नेपाल में लापता अपने सदस्य की तलाश में है, तो बेंगलुरु का बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल उनके लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। यह अस्पताल उन लोगों के फर्स्ट-डिग्री रिश्तेदारों से DNA सैंपल इकट्ठा करने के लिए नोडल केंद्र के तौर पर काम करेगा, जिनके लापता होने की खबर नेपाल से आई है।
भारतीय दूतावास, काठमांडू की तरफ से 1 सितंबर को एक प्रेस नोट जारी किया गया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यहां के रिश्तेदारों के DNA को नेपाल में मिले अज्ञात शवों से मिलाना है। इस पहल से परिवारों को अपने बिछड़े हुए सदस्यों की पहचान कर अंतिम संस्कार करने में आसानी होगी।
डॉक्टर रिश्ते की पुष्टि करेंगे और DNA सैंपल लेंगे
बेंगलुरु के बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल में, डॉक्टर सबसे पहले लापता व्यक्ति के साथ आपके फर्स्ट-डिग्री रिश्ते की पुष्टि करेंगे और उसके बाद DNA सैंपल लेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाने के लिए, आपको अपने साथ कुछ जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। इनमें एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार), हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो और अपने रिश्ते को साबित करने वाला कोई भी दस्तावेज शामिल है। इन सैंपलों को फिर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। वहां नेपाल से मिले डेटा के साथ इनका मिलान किया जाएगा, जिससे सीमाओं के पार भी अपनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।