गणेशोत्सव: बाढ़ ने तबाह किया सब कुछ, पर कारीगरों का हौसला बुलंद
गणेशोत्सव से ठीक पहले महाराष्ट्र के हमरापुर, जोहे और तांबडशेट में बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने वहां के कारीगरों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। मूर्ति बनाने की मिट्टी, रंग-रोगन, औजार और यहां तक कि आधी तैयार गणेश मूर्तियां भी पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। हालांकि, त्योहार सिर पर है और ऐसे में स्थानीय कारीगर अपने काम को फिर से पटरी पर लाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। वे अपनी सदियों पुरानी इस परंपरा को जीवित रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
मूर्तियों को भेजने के लिए टेंपो की कतार
बाढ़ से हुए नुकसान और मची अफरा-तफरी के बावजूद, ये मेहनती कारीगर दिन-रात एक कर ऑर्डर पूरे करने में जुटे हैं। महाराष्ट्र और इसके बाहर मूर्तियों को भेजने के लिए लगातार टेंपो की कतारें देखी जा सकती हैं।
एक कारीगर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया, हमें बहुत नुकसान झेलना पड़ा है।" मगर इस साल भी हर घर में गणेश जी की प्रतिमा पहुंचाने का उनका संकल्प पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिख रहा है।