छत्तीसगढ़: स्कूल में हुआ आसाराम का प्रचार, प्रिंसिपल को गंवाना पड़ा पद
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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक स्कूल के प्रिंसिपल को बच्चों को आसाराम से जुड़ी किताबें बांटने के आरोप में उनके पद से हटा दिया गया है।
यह घटना 26 अक्टूबर, 2026 की है, जब आसाराम के कुछ समर्थक स्कूल पहुंचे और उन्होंने बच्चों को ये किताबें बांटीं। जब बच्चे इन किताबों को घर ले गए, तो उनके माता-पिता ने इस पर चिंता जताई और इसकी शिकायत की।
बता दें कि आसाराम रेप के कई गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
आसाराम का प्रचार करने वाली तीन किताबें
ये किताबें 'संस्कार सरिता', 'व्रत नियम' और 'वसुधैव कुटुंबकम' नाम से थीं। आरोप है कि इन किताबों में आसाराम का प्रचार किया जा रहा था। माता-पिता की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने इस मामले की जांच की। शुरुआती जांच के आधार पर ही प्रिंसिपल को उनके पद से हटा दिया गया।