राम मंदिर: 7.5 करोड़ दान का हिसाब गायब, SIT 7 दिन में सौंपेगी जांच रिपोर्ट
अयोध्या के राम मंदिर में दान के रूप में आए 7 से 7.5 करोड़ रुपये का हिसाब न मिलने का दावा सामने आया है। इस दावे के बाद मंदिर परिसर में हलचल मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। इस SIT को 7 दिन के भीतर अपनी शुरुआती रिपोर्ट और 15 दिन के अंदर अंतिम रिपोर्ट पेश करनी होगी।
मंदिर ट्रस्ट ने आरोपों को खारिज किया, SBI ऑडिट जारी
मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। ट्रस्ट का कहना है कि सारा कामकाज पूरी तरह पारदर्शिता से चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके अपने आंतरिक ऑडिट के अलावा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भी ऑडिट कर रहा है। दान की रकम को संभालने के लिए 11 बैंक कर्मचारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है, जो हर दिन के लेन-देन को संभालती है। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में मंदिर के कपाट खुलने के बाद से भक्तों ने जमकर दान दिया है। मंदिर खुलने के शुरुआती 11 दिनों में ही 11 करोड़ रुपये से ज़्यादा का दान आया था।
अखिलेश यादव ने न्यायिक निगरानी की मांग की
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में न्यायिक निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़ा है, ऐसे में इसकी निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक निगरानी बेहद जरूरी है। दूसरी ओर, उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन दावों को बेबुनियाद बताया है। ट्रस्ट का यह भी कहना है कि वे पारदर्शिता बनाए रखना चाहते हैं, ताकि भक्तों के मन में उठने वाले किसी भी संदेह को दूर किया जा सके।