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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर फूट-फूटकर रोए अयोध्या के GST उपायुक्त, नौकरी से इस्तीफा दिया
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान से आहत अयोध्या के उपायुक्त ने इस्तीफा दिया

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर फूट-फूटकर रोए अयोध्या के GST उपायुक्त, नौकरी से इस्तीफा दिया

लेखन गजेंद्र
Jan 27, 2026
05:25 pm

क्या है खबर?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से जुड़े विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के अयोध्या में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने राज्य सरकार के समर्थन में अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मंगलवार को राज्यपाल को भेजे पत्र में लिखा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य की टिप्पणियों से आहत हैं। ऐसे में संविधान और राज्य के सम्मान में अपना त्यागपत्र सौंप रहे हैं।

इस्तीफा

अधिकारी ने इस्तीफे में क्या लिखा?

उपायुक्त प्रशांत ने इस्तीफे में लिखा कि शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं, जो संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने लिखा कि समाज में पिछले कई दिनों से शंकराचार्य की ओर से जाति-वाद का जहर घोला जा रहा है। प्रशांत ने लिखा कि वह राज्य सरकार के निष्ठावान कर्मचारी हैं और ऐसे में रोबोट की तरह आरोप सुनकर कार्य नहीं कर सकते हैं। प्रशांत का वीडियो भी सोशल मीडिया में आया है।

बातचीत

रोते हुए पत्नी से बात की

उपायुक्त प्रशांत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपनी पत्नी से बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ और इसलिए अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने फोन पर कहा कि जिसका नमक खाते हैं उसका आदर करना चाहिए, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उनकी 2 बेटियां हैं और वह पीड़ा की वजह से 2 रात से सोए नहीं थे।

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फूट-फूटकर रोए उपायुक्त

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उपायुक्त का इस्तीफा

इस्तीफा

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया था शंकराचार्य के समर्थन में इस्तीफा

इससे पहले 26 जनवरी को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके पीछे उन्होंने शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से प्रयागराज में हुई मारपीट और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम को बताया है, जिसमें सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप है। अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया और कई अधिकारियों ने उनसे बात की। इससे राज्य सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचा।

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