26 साल, 20,000 पेड़: मिलिए उस ऑटो चालक से जिसने अपने दम पर बदल दी प्रकृति
पालक्काड के रहने वाले एम. श्यामकुमार एक ऑटो-रिक्शा चालक हें। पिछले 26 सालों से वे कोच्चि और त्रिशूर जैसे शहरों की सार्वजनिक जगहों पर 20,000 से ज्यादा पेड़ लगा चुके हें। एक मैगजीन में एक पेड़ को 'दस धर्मपुत्र' कहा गया था, जिससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिली। तभी से उन्होंने अपने समाज को हरा-भरा करने को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।
एम. श्यामकुमार तालाबों का पुनरुद्धार भी करते हैं
अपने पेड़ों को जिंदा रखने के लिए श्यामकुमार बहुत रचनात्मक तरीके अपनाते हें। वे ड्रिप इरिगेशन के लिए पुरानी बोतलों का इस्तेमाल करते हें और जानवरों से पौधों को बचाने के लिए बांस की बाड़ लगाते हें। उन्होंने कई तालाबों को भी ठीक किया है और गर्मियों में पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम भी किया है। उनकी ऑटो-रिक्शा में हमेशा पौधे और औजार मौजूद रहते हें, जो उनकी इस लगन को साफ दिखाता है। खाली पड़ी जगहों को हरा-भरा करने के उनके इस शानदार काम के लिए उन्हें 'वनमित्र' और 'प्रकृति मित्र' जैसे कई इनाम भी मिल चुके हें।