
आसाराम बापू को सूरत की लड़की के साथ रेप करने के मामले में उम्रकैद की सजा
क्या है खबर?
गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने मंगलवार को आसाराम बापू को रेप के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सोमवार को आसाराम को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामले में सूरत की एक लड़की ने 2013 में आसाराम पर आश्रम में उसके साथ कई बार रेप करने का आरोप लगाया था।
इसके अलावा पीड़िता की छोटी बहन ने आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं पर रेप करने का आरोप लगाया था।
मामला
2013 में दर्ज किया गया था केस
पीड़िता और उसकी बहन की तहरीर पर वर्ष 2013 में आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इस मामले में जुलाई, 2014 में चार्जशीट दायर की गई और मामले की सुनवाई शुरू हुई।
बता दें कि गुजरात सरकार की ओर से 55 गवाहों की जांच की गई थी। सभी गवाहों के बयान विरोधाभासी होने के कारण कुल आठ में से एक आरोपी गवाह बनाया गया था।
सजा
इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा
आसाराम बापू को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। अदालत ने उन्हें धारा 376 (रेप) और धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इसके अलावा धारा 354 (आध्यात्मिक गुरु या शिक्षक के द्वारा रेप) में एक साल की सजा, धारा 342 (गलत तरीके से कैद करना) में छह महीने की सजा और धारा 506 (2) (धमकी देने) के तहत एक साल की सजा सुनाई गई है।
मांग
पीड़ित पक्ष ने की थी सख्त सजा की मांग
अदालत ने आसाराम बापू को पीड़िता को 50,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।
इससे पहले पीड़ित पक्ष ने अदालत से आसाराम बापू को उम्रकैद जैसी सख्त सजा और भारी जुर्माना लगाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि आसाराम बापू पहले से ही रेप के एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और एक आदतन आरोपी होने के नाते उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए।
सजा
फिलहाल जोधपुर की जेल में बंद हैं आसाराम
आसाराम बापू फिलहाल जोधपुर की एक जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में जोधपुर की एक निचली अदालत ने उन्हें एक अलग यौन उत्पीड़न मामले में IPC की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मामले में आसाराम को 2013 में अपने जोधपुर आश्रम में एक 16 वर्षीय लड़की के साथ रेप करने का दोषी पाया गया था।