सियांग बांध का संग्राम: अरुणाचल में गिरफ्तारी से भड़की आग, रिहाई की मांग पर अड़े युवा
अरुणाचल प्रदेश में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। युवा और आदिवासी समूह उन कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग कर रहे हैं, जिन्हें बांध विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
प्रदर्शनकारियों को डर है कि विशाल सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट उनकी पुश्तैनी जमीन को नुकसान पहुंचा सकता है और उनके समुदायों को अस्त-व्यस्त कर सकता है। इसी बात को सामने रखने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी पारंपरिक आदिवासी पोशाक पहनकर हाथों में पोस्टर लिए हुए थे।
अरुणाचल में गिरफ्तारियां, भूख हड़ताल की खबरों पर विवाद
9 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 2014 के तहत चार निवासियों को एहतियाती हिरासत में लिए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया। खासकर 23 अक्टूबर को हुए बंद के बाद, जो हिंसक हो गया था। इसमें 26 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे।
पुलिस की सख्ती के बावजूद, एसयूएमपी अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन जैसे समूह पीछे नहीं हट रहे हैं। वे विस्थापन और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर अपनी चिंताएं लगातार उठा रहे हैं।
कुछ कार्यकर्ताओं के बारे में खबर आई थी कि उन्होंने 26 अक्टूबर से हिरासत में खाना छोड़ दिया था। हालांकि, पुलिस ने इसे भूख हड़ताल मानने से इनकार किया। पुलिस का कहना था कि उन्होंने उस दिन नाश्ता किया था।