ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत पाकिस्तान पर जमीनी हमले को था तैयार, सेना प्रमुख का खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना का सशस्त्र बल जमीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार था। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान किसी भी प्रकार का दुस्साहस करता तो सेना अंदर तक घुसकर जवाब देती। उन्होंने कहा कि पहले के आकलन बताते थे कि पारंपरिक सैन्य अभियान का दायरा सिकुड़ रहा है और संघर्ष तेजी से गैर-पारंपरिक युद्धों से परमाणु युद्धों की ओर बढ़ सकते हैं।
बयान
क्या बोले जनरल?
जनरल द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "7 मई को 22 मिनट की शुरूआत और 10 मई तक 88 घंटे में, पारंपरिक सैन्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए सेना की लामबंदी इस प्रकार थी कि यदि पाकिस्तान ने कोई गलती की, तो हम जमीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।" उन्होंने कहा, "इस बार हमने जम्मू-कश्मीर में हुई गोलीबारी पर जैसा जवाब दिया- उससे पता चलता है कि हमने पारंपरिक सैन्य क्षेत्र का विस्तार किया है।"
संगठन
पाकिस्तान में अभी 8 आतंकी कैंप सक्रिय
सेना प्रमुख ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अब भी जारी है और हमारे आंख-कान पूरी तरह अलर्ट हैं। उन्होंने बताया कि अभी जो जानकारी है, उसके आधार पर करीब 8 कैंप अभी भी पाकिस्तान में सक्रिय हैं, जिनमें 2 इंटरनेशनल बॉर्डर के सामने और 6 नियंत्रण रेखा (LoC) के सामने स्थित हैं। उन्होंने बताया कि इन कैंपों में ट्रेनिंग गतिविधि चल रही है, इसलिए इन पर कड़ी नजर है और कोई गतिविधि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील
जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील, लेकिन नियंत्रण में
जनरल द्विवेदी ने कहा कि 10 मई से, पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि 2025 में, 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तान के थे, जिसमें 'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए पहलगाम हमले के 3 हमलावर भी शामिल थे। अब यहां सक्रिय स्थानीय आतंकवादी 10 से कम हैं। आतंकवादियों की भर्ती लगभग खत्म हो गई है, 2025 में सिर्फ़ 2 भर्ती हुई हैं।
दावा
शक्सगाम घाटी पर बीजिंग के दावे के खारिज किया
जनरल द्विवेदी ने मंगलवार को शक्सगाम घाटी पर चीन के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसे चीन ने अपना बताते हुए विकासात्मक गतिविधियां करने का अधिकार बताया था। उन्होंने पाकिस्तान-चीन के बीच 1963 के सीमा समझौते को अवैध घोषित कर कहा कि नई दिल्ली इस क्षेत्र में गतिविधि को मान्यता नहीं देती है। जनरल ने कहा कि भारत 1963 के उस समझौते को अमान्य मानता है, जिसके तहत पाकिस्तान ने शक्सगाम घाटी में अपना क्षेत्र चीन को सौंपा था।