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प्रधानमंत्री वीडियो विवाद पर सरकार का मेटा को अल्टीमेटम, माफी मांगें या होगी कड़ी कार्रवाई
प्रधानमंत्री वीडियो विवाद पर सरकार ने मेटा को अल्टीमेटम जारी किया है

प्रधानमंत्री वीडियो विवाद पर सरकार का मेटा को अल्टीमेटम, माफी मांगें या होगी कड़ी कार्रवाई

लेखन आबिद खान
Aug 05, 2026
11:14 am

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो हटाने को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति ने मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का 3 दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो हटाना 'लोकतंत्र पर हमला' है।

मेटा

रद्द हो सकती है फेसबुक को मिली सेफ हार्बर सुरक्षा

इंडिया टुडे के अनुसार, समिति ने चेतावनी दी है कि 3 दिनों के भीतर आदेश मानने में विफल रहने पर सरकार फेसबुक की सेफ हार्बर सुरक्षा को रद्द कर सकती है, जिससे प्लेटफॉर्म के अधिकारियों को सीधे आपराधिक अभियोजन का सामना करना पड़ सकता है।

इसमें कहा गया है, "अगर फेसबुक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो सेफ हार्बर क्लॉज हटा दिया जाएगा। जुकरबर्ग को माफी मांगनी होगी। अन्यथा, मुकदमा दायर किया जा सकता है।"

बयान

दुबे बोले- प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली सामने आनी चाहिए

समिति के अध्यक्ष दुबे ने कहा, "ये केवल तकनीकी गलती का मामला नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और एल्गोरिदम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मेटा, एक्स और यूट्यूब की कार्यप्रणाली देश के सामने आनी चाहिए। भाजपा, आम आदमी पार्टी जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टियों की कंबाइंड व्यूअरशिप 23-24 मिलियन के आसपास है, जबकि हाल ही में बनी एक गैर-पंजीकृत पार्टी की पहुंच 7 मिलियन तक पहुंच गई।"

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विवाद

क्या है प्रधानमंत्री के वीडियो से जुड़ा विवाद?

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसे मेटा ने रात 12:30 बजे से सुबह 5:00 बजे तक हटा दिया था। हालांकि, बाद में वीडियो फेसबुक पर दिखाई देने लगा था।

तब मेटा ने अपनी सफाई में कहा था कि तकनीकी खराबी के चलते ऐसा हुआ था।

इसके बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

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सेफ हार्बर

क्या है सेफ हार्बर सुरक्षा?

सेफ हार्बर ऐसा कानूनी प्रावधान है, जो कुछ विशेष शर्तों का पालन करने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कानूनी जिम्मेदारी या दंड से सुरक्षा प्रदान करता है।

भारत में IT अधिनियम की धारा 79 के तहत ऐसी सुरक्षा दी गई है।

आसान भाषा में कहें तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर द्वारा पोस्ट की गई किसी भी गलत या गैर-कानूनी सामग्री के लिए कंपनी या उसके अधिकारियों को सजा नहीं होगी। लेकिन प्लेटफॉर्म को कुछ शर्तों का पालन करना होगा।

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