फारस की खाड़ी में 4,500 भारतीय नाविक खतरे में, विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
फारस की खाड़ी में लगातार बढ़ रहे खतरों के बीच, भारत वहां काम कर रहे 4,500 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर कड़ी नजर बनाए हुए है। इनमें 12 जहाजों पर मौजूद 163 क्रू मेंबर भी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) का कहना है कि सभी को सुरक्षित रखने के लिए वहां के दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर समन्वय किया जा रहा है। इसके साथ ही, जहाजरानी मंत्रालय भी इन जहाजों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय राजनयिक मिशनों व स्थानीय संबंधित पक्षों के साथ मिलकर चौबीस घंटे निगरानी कर रहा है।
MEA के प्रवक्ता रणदीप जयसवाल ने बताया कि इन सभी की सेहत और सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
भारत समुद्री सुरक्षा गठबंधन में शामिल हुआ
इन खतरों से निपटने के लिए भारत अब लाइबेरिया और 23 अन्य देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा गठबंधन का हिस्सा बन गया है।
संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समंदर में हो रही हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि सुरक्षित शिपिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे तनाव कम करें ताकि समुद्री व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे और नाविक सुरक्षित रहें।