अल कायदा ने कराया था लाल किले के पास आतंकी हमला, UN रिपोर्ट में दावा
क्या है खबर?
संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास जो आतंकी हमला हुआ था, उसे अल-कायदा ने करवाया था। UN ने इस आतंकी हमले के लिए 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) को जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है, जो 16 दिसंबर, 2025 से 9 जून, 2026 तक की गतिविधियों पर आधारित है।
रिपोर्ट
रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे?
रिपोर्ट में AQIS के काम करने के बदलते तौर-तरीकों पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन अब बड़े और आसानी से पहचाने जाने वाले समूहों के बजाय छोटे और बिखरे हुए नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS एक बिखरे हुए समूह से बदलकर एक क्षेत्रीय आतंकवादी इसने बहुत तेजी से लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क स्थापित कर रहा है।
बांग्लादेश
बांग्लादेश की स्थिति का फायदा उठा रहा समूह- रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय बना हुआ है और परिचालन सेल स्थापित करने के लिए बांग्लादेश का फायदा उठाने का प्रयास कर रहा है।
UN के निगरानीकर्ताओं ने समूह के रसद और वित्तीय नेटवर्क पर भी चिंता जताई है।
रिपोर्ट में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और सीमा पार आतंकी गतिविधियों से जुड़े खतरे पर भी चिंता जताई गई है।
AI
आतंकी संगठनों द्वारा AI के इस्तेमाल पर भी जताई गई चिंता
रिपोर्ट में आतंकवादी संगठनों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई गई है।
UN टीम ने कहा कि बम बनाने और संभावित लक्ष्य ढूंढने से जुड़ी जानकारी पाने के लिए आतंकी संगठन चैटजीपीटी सहित कई AI उपकरणों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISIL-K) सामग्री का अन्य भाषाओं में अनुवाद और प्रसार करने के लिए AI का उपयोग कर रहा है, जिससे वो ज्यादा लोगों तक पहुंच पा रहा है।
जांच
NIA की जांच में क्या खुलासा हुआ था?
लाल किले बम धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। मई में NIA की ओर से दाखिल चार्जशीट में भी UN रिपोर्ट से मिलते-जुलते दावे किए गए थे।
NIA ने कहा था कि अल-कायदा से जुड़ी एक शाखा के आरोपी ने आतंकी गतिविधियों के AI का गलत इस्तेमाल किया था। आरोपियों ने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तैयार करने के लिए भी यूट्यूब समेत कई तकनीकों की मदद ली थी।
हमला
धमाके में मारे गए थे 11 लोग
10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास सफेद कार में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे।
शुरुआती जांच में इसका संबंध जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल से निकला था। इसके बाद फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के कई डॉक्टरों और कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया था।
जांच के तार उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैले थे। NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।