भारतीय प्रतिनिधिमंडल SCO समन्वयकों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचा पाकिस्तान
क्या है खबर?
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और किसी भी ठोस कूटनीतिक बातचीत की अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने एक बार फिर बहुपक्षीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव आलोक डिमरी के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार (28 सितंबर) से इस्लामाबाद में शुरू हो रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की राष्ट्रीय समन्वयकों की परिषद की 3 दिवसीय बैठक में भाग लेने पाकिस्तान पहुंचा है। यह बैठक 28 से 30 सितंबर तक चलेगी।
एजेंडा
क्या रहेगा बैठक का एजेंडा?
पाकिस्तान ने 1 सितंबर को किर्गिस्तान से SCO राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता संभाली है। इस बार पाकिस्तान ने इसकी थीम 'विजन को एक्शन में बदलना: कनेक्टिविटी, इनोवेशन और साझा समृद्धि' रखी है।
इस 'राष्ट्रीय समन्वयकों की परिषद' बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे साल होने वाली विभिन्न मंत्रिस्तरीय बैठकों, कार्यकारी समूहों के कार्यक्रमों और गतिविधियों के कैलेंडर को अंतिम रूप देना है।
सदस्य देशों को अपने व्यक्तिगत द्विपक्षीय विवादों को संगठन की बहुपक्षीय बैठकों से अलग रखना होता है।
केंद्र
भारत किन बातों पर केंद्रित करेगा ध्यान?
भारत इस बैठक में मुख्य रूप से आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ सामूहिक और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित रखेगा।
वर्तमान में पाकिस्तान SCO की क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (SCO-RATS) की अध्यक्षता कर रहा है, जिसे देखते हुए भारत का यह रुख बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी तरह भारत रुख स्पष्ट रहेगा कि कोई भी संपर्क परियोजना सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं करनी चाहिए।
नींव
अगस्त 2027 में होने वाले शिखर सम्मेलन की नींव
इस्लामाबाद में हो रही यह शुरुआती बैठक अगस्त 2027 में पाकिस्तान द्वारा आयोजित किए जाने वाले SCO शिखर सम्मेलन का आधार तैयार करेगी।
उम्मीद है कि पाकिस्तान इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजेगा, जिससे पाकिस्तान में वैश्विक नेताओं का जमघट लगेगा।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन के लिए पाकिस्तान की यात्रा करेंगे या नहीं, इस पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
भागीदारी
पाकिस्तान में भारत की SCO की भागीदारी
भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। तब से भारतीय अधिकारी समूह की बैठकों और अभ्यासों के लिए नियमित रूप से पाकिस्तान की यात्रा करते रहे हैं।
अक्टूबर 2024 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए इस्लामाबाद की यात्रा की थी।
इसी तरह जुलाई 2026 में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सीमा सेवाओं के प्रमुखों की 12वीं SCO बैठक के लिए इस्लामाबाद की यात्रा की थी।
SCO
क्या है SCO?
SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान और बेलारूस बाद में इस संगठन में शामिल हुए।
यह समूह क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, संपर्क और आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करता है।
भारत के लिए SCO में भागीदारी चीन, रूस, पाकिस्तान और अन्य यूरेशियाई देशों के साथ जुड़ाव के लिए एक मंच प्रदान करती है।