अजित डोभाल की सीमा विवाद पर चीन से 25वीं वार्ता, क्या थमेगा अरुणाचल प्रदेश पर तनाव?
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल सोमवार को बीजिंग पहुंचने वाले हैं। यहां वे चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ 25वें दौर की सीमा वार्ता करेंगे। इन बैठकों का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाना है।
शी जिनपिंग की BRICS यात्रा से पहले भारत-चीन वार्ता
इन वार्ताओं का समय इसलिए भी अहम है, क्योंकि ये अगले महीने होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले हो रही हैं। यह दोनों पक्षों के लिए तनाव कम करने और माहौल को शांत रखने का एक अच्छा मौका है, खासकर जब पिछले कुछ हफ्तों में अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी क्षेत्र में चीनी सैनिकों की आक्रामक हरकतों की खबरें आ रही थीं। भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ दोहराया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का एक अटूट और अभिन्न हिस्सा है। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा कि अगर भारत-चीन रिश्तों में मजबूती लानी है, तो सीमा पर शांति बहुत जरूरी है।