अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में, ईंधन स्विच में खामी के संकेत नहीं- सरकार
क्या है खबर?
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच अंतिम दौर में है। केंद्र सरकार ने संसद में ये जानकारी दी है। इसमें ये भी बताया गया है कि जांचकर्ताओं को दुर्घटनाग्रस्त विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई असामान्यता नहीं मिली है। संसद के मानसून सत्र के दौरान पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि मूल उपकरण निर्माता (OEM) द्वारा किए गए उन्नत परीक्षण के बाद यह बात सामने आई है।
सरकार
मंत्रालय बोला- अंतिम चरण में जांच
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की अंतिम रिपोर्ट में देरी नहीं हुई है और बड़ी हवाई दुर्घटनाओं की जांच एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
मंत्रालय ने कहा कि अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में है।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, "फरवरी में विमान के प्रकार को ग्राउंडेड किए जाने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा परीक्षणों का आदेश दिया गया था।"
स्विच
ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई असामान्यता नहीं मिली- मंत्रालय
उड्डयन राज्य मंत्री मोहोल ने कहा, "ईंधन नियंत्रण स्विच की विस्तृत जांच, जिसमें इसके लॉकिंग डिटेंट की संरचनात्मक अखंडता भी शामिल है, में कोई असामान्यता नहीं पाई गई है। OEM की सुविधा पर संपूर्ण थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल का निरीक्षण चल रहा है और जांचकर्ता चल रहे निरीक्षण के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दुर्घटना के सभी संभावित कारणों और उसमें योगदान देने वाले कारकों की जांच की जा रही है।"
स्विच
ईंधन नियंत्रण स्विच को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, हादसे के बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विमान का ईंधन नियंत्रण स्विच उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बंद कर दिया गया था। ये स्विच विमान के इंजन में ईंधन की आपूर्ति को बंद या चालू करता है।
पायलटों के बीच कॉकपिट में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग में भी इसके संकेत मिले थे। तब एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि स्विच क्यों बंद किया।
रिपोर्ट
अक्टूबर में आ सकती है अंतिम जांच रिपोर्ट
हाल ही में AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर तक जमा कर दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में घटनाओं के क्रम को पुनर्निर्मित करने और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद करने के लिए सिमुलेशन और तकनीकी विश्लेषण शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि विमान के पुर्जों को भारत लौटने से पहले विशेष फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए विदेश भेजना पड़ा, जिससे प्रक्रिया में समय लग गया।
हादसाे
हादसे में मारे गए थे 260 लोग
12 जून, 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरते ही छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री जीवित बचा था। जमीन पर 20 लोग मारे गए थे।
AAIB मामले की जांच कर रहा है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हैं, क्योंकि विमान और इंजन अमेरिका में बने थे।