केरलम के मुल्लापेरियार बांध पर खतरा, 130 साल पुराने ढांचे की सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विशेषज्ञों ने की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा समीक्षा का आदेश दिया था, जिसके बाद विशेषज्ञों की एक टीम ने केरलम में 130 साल पुराने मुल्लापेरियार बांध का निरीक्षण किया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या यह पुराना बांध, जिसका प्रबंधन तमिलनाडु करता है लेकिन केरलम अक्सर इस पर सवाल उठाता रहा है, अभी भी सुरक्षित है। खासकर भूकंप के खतरे और पानी के बंटवारे को लेकर भी चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।
पैनल कर रहा है बांध की जांच
यह पैनल गहराई से जांच कर रहा है कि बांध असल में कितना स्थिर है, इसमें कितनी गाद जमा हो गई है और क्या यह बड़े भूकंपों का सामना कर सकता है। आपको बता दें कि 2021 के एक अध्ययन में बड़े जोखिमों की चेतावनी दी गई थी।
इस हफ्ते पैनल के निष्कर्षों पर दोनों राज्यों के साथ चर्चा की जाएगी। वहीं, आधिकारिक रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी को सौंप दी जाएगी। केरलम लंबे समय से इस बांध की सुरक्षा ऑडिट की मांग कर रहा है। इसके साथ ही, मौजूदा बांध की जगह एक नया बांध बनाने की भी मांग की जा रही है।