होर्मुज हमले के बाद भारत सतर्क, नाविकों की सुरक्षा के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल
होर्मुज जलडमरूमध्य में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों पर हुए एक खतरनाक मिसाइल हमले के बाद, जिसमें एक भारतीय इंजीनियर की जान चली गई और 10 अन्य भारतीय चालक दल सदस्य घायल हुए थे, सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।
अब सरकार सैटेलाइट डेटा और AIS तकनीक का उपयोग कर जोखिम भरे इलाकों में काम करने वाले भारतीय नाविकों पर नजर रखेगी। इसका मकसद यह है कि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तुरंत मदद पहुंचाई जा सके और उनकी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मिसाइल हमले का दावा किया
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन मिसाइलों को लॉन्च करने का दावा किया है। उनका कहना है कि जहाजों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था, लेकिन इस दावे को भारत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों ने सिरे से खारिज कर दिया है।
इस घटना के जवाब में, भारत ने ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया और नागरिक नाविकों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की। यह पूरा मामला दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में हुआ है, जो वैश्विक तेल व्यापार और भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।