भारत में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने पर भी नहीं हुई ईंधन की किल्लत, जानिए कैसे
अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद भी भारत ने ईंधन की किल्लत नहीं होने दी। फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद भारत के लिए तेल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब 4 महीने बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थी। LPG के दाम भी 46 प्रतिशत बढ गए और जहाजों का बीमा भी महंगा हो गया। इसके बाद भी भारत ने ईंधन की आपूर्ति को जारी रखा और खुदरा कीमतों में होने वाली बढोतरी को भी सीमित रखा।
भारत ने 41 देशों से तेल खरीदा
भारत सरकार ने कुछ समझदारी भरे कदम उठाते हुए देश के अंदर तेल का उत्पादन बढाया, उत्पाद शुल्क कम किया और 41 देशों से तेल खरीदा। इनमें लीबिया और गयाना जैसे नए भागीदार भी शामिल थे। ईंधन में एथेनॉल का मिश्रण बढाया गया ताकि आयात कम किया जा सके। इसके साथ ही 2014 से भारत की LPG आयात करने की क्षमता दोगुनी से भी अधिक हो गई है। दुनिया भर में कीमतें बढने के बावजूद तेल कंपनियों ने खुद नुकसान वहन किया ताकि पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं पर इसका कम असर पड़े।