मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे: खतरनाक माल अब 'वीजा' पास से, बड़े हादसे के बाद सुरक्षा घेरा सख्त
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फरवरी में अदोशी टनल के पास हुए एक बड़े टैंकर हादसे के चलते 30 घंटे तक लंबा जाम लग गया था। इसी को देखते हुए अब प्रशासन मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खतरनाक सामान की ढुलाई के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू करने पर जोर दे रहा है। इन नए सुझावों का मकसद पेट्रोल और केमिकल जैसे पदार्थों की ढुलाई को और सुरक्षित बनाना है। ये सुझाव महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को भेज दिए गए हैं।
खतरनाक सामान ले जाने वाले ट्रकों के लिए वीजा जैसा क्लीयरेंस सिस्टम
खतरनाक सामान ले जाने वाले वाहनों के लिए अब वीजा जैसा मंजूरी सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके तहत, ऐसे ट्रक मालिकों को अपना रूट, आपातकालीन योजना और साथ चलने वाले (एस्कॉर्ट) वाहनों की पूरी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें मंजूरी मिल पाएगी। एक्सप्रेसवे पर हर दिन लगभग 250 ऐसे ट्रक चलते हैं। इस वजह से इन नियमों को लागू करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि RFID ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर भी विचार चल रहा है।
सीपी जोशी कमेटी की रिपोर्ट सौंपी गई
पूर्व इंडियन रोड्स कांग्रेस प्रेसिडेंट और पूर्व पीडब्ल्यूडी सचिव सीपी जोशी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अपनी रिपोर्ट MSRDC को सौंप दी है। उधर, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) भी ऐसे ही हादसों का बारीकी से अध्ययन कर रही है, ताकि भविष्य के लिए सुरक्षा के बेहतर प्रोटोकॉल तैयार किए जा सकें।