लिपुलेख दर्रा खुला, 7 साल बाद हिमालयी व्यापार को मिली नई उड़ान
देश
7 साल के लंबे अंतराल के बाद, भारत ने व्यापार और यातायात के लिए लिपुलेख पास को फिर से खोल दिया है। यह भारत, नेपाल और तिब्बत को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक रास्ता है। कोविड-19 महामारी और सीमा विवाद के कारण यह दर्रा साल 2019 से बंद पड़ा था। यह दर्रा सिर्फ व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की धार्मिक यात्राओं के लिए भी बेहद अहम था।
नई सड़क से लिपुलेख व्यापार को मिलेगी गति
पिछले साल बनी एक नई सड़क की वजह से अब सामान लाना-ले जाना काफी आसान हो गया है। अब सिर्फ थोड़ी ही दूरी खच्चरों से तय करनी पड़ती है। गूंजी जैसे स्थानीय गांव अब फिर से व्यापार शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं। यहां पश्मीना ऊन, गुड़, कालीन और कई अन्य चीजों का व्यापार होगा। साल 2026 के लिए अब तक 300 व्यापारियों को परमिट मिल चुके हैं, और यहां के लोग इस आर्थिक वापसी को लेकर बेहद उत्साहित हैं।