खाद लेकर भारत आ रहे 17 जहाज फंसे, सरकार ने बनाई अब ये योजना
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण भारत के लिए निकले 17 उर्वरक (खाद) जहाज फारस की खाड़ी में फंस गए हैं। इससे भारत का सामान्य समुद्री मार्ग बाधित हो गया है। आपूर्ति जारी रखने के लिए भारत सरकार अब एक वैकल्पिक रास्ते पर विचार कर रही है।
इस योजना के तहत, उर्वरक को ट्रकों के जरिए जमीन के रास्ते सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह तक ले जाया जाएगा। फिर वहां से समुद्री जहाजों से भारत पहुंचाया जाएगा। यह रास्ता थोड़ा लंबा और महंगा जरूर है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि और ज्यादा देरी से बचने के लिए यह जरूरी है।
उर्वरक में देरी से खरीफ और रबी फसल को खतरा
उर्वरक की आपूर्ति में पहले ही 2 महीने की देरी हो चुकी है और यह ऐसे समय हो रहा है जब खरीफ फसलों के लिए इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर यह रुकावट जारी रही, तो रबी की बुवाई के मौसम पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
भारत इन आयातित उर्वरक पर बहुत अधिक निर्भर है, ऐसे में और देरी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि खेतों को जरूरत के हिसाब से, सही समय पर उर्वरक मिल जाए, भले ही इसके लिए लंबा और महंगा रास्ता अपनाना पड़े।