प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया दौरे पर रवाना, क्या है एजेंडा और किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय मलेशिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के न्योते पर ये यात्रा हो रही है, जिन्होंने अगस्त, 2024 में भारत की यात्रा की थी। करीब 8 साल बाद प्रधानमंत्री मलेशिया जा रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी यात्रा पर हैं। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है। आइए दौरे के बारे में जानते हैं।
दौरा
कैसा रहेगा प्रधानमंत्री का दौरा?
मलेशिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का पुत्राजाया स्थित पर्दाना पुत्रा कॉम्प्लेक्स में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। पहले दिन वे मलेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। फिर वे मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। कल यानी 8 फरवरी को वे कुआलालंरपुर में होने वाली भारत-मलेशिया CEO फोरम की 10वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मलेशिया के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
मुद्दे
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
मलेशियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता मलेशिया-भारत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और विशेष रूप से व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, श्रम, पर्यटन, संपर्क, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों में आगे सहयोग की संभावनाओं का पता लगाएंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव पी कुमरन ने बताया कि यह दौरा भारत के आसियान देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करने और मलेशिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए अहम है।
समझौते
जाकिर नाइक का मुद्दा उठेगा, ये अहम समझौते भी होंगे
दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चा में पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी शामिल होंगे। मंत्रालय ने कहा, "बैठक के बाद दोनों नेता भ्रष्टाचार से निपटने और उसकी रोकथाम, नाविकों के प्रशिक्षण, प्रमाणन और निगरानी के मानकों, आपदा प्रबंधन, ऑडियो-विजुअल प्रोडक्शन पर एक समझौते समेत कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान करेंगे।" मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा में 10 साल से मलेशिया में रह रहे भगोड़े जाकिर नाइक के मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
व्यापार
भारत-मलेशिया में कैसे हैं व्यापारिक रिश्ते?
भारत-मलेशिया के बीच 1957 में राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई थी। अगस्त, 2024 में इन संबंधों को व्यापक रणीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाया गया। 2025 में मलेशिया और भारत के बीच कुल 1.63 लाख करोड़ रुपये का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। भारत को मलेशिया का कुल निर्यात 1.10 लाख करोड़ रुपये और कुल आयात 57,000 करोड़ रुपये था। मलेशिया में 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है।