
पिछले 3 सालों में करीब 4 लाख भारतीयों ने छोड़ी नागरिकता, सबसे ज्यादा अमेरिका में बसे
क्या है खबर?
पिछले तीन सालों में करीब चार लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ विदेशी नागरिकता ली है। इन लोगों ने दुनिया के 103 देशों में नागरिकता ली है और अमेरिका सबसे अधिक लोगों की पहली पसंद बनकर उभरा है।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 1.63 लाख से अधिक भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी थी। इनमें से 78,000 ने अमेरिकी नागरिकता ली है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा लोग कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में जाकर बस रहे हैं।
आंकड़े
2020 में कम लोगों ने छोड़ी नागरिकता
2019 में जहां 1.44 लाख भारतीय अपनी नागरिकता छोड़कर विदेशों में बसे, वहीं 2020 में इस संख्या में कुछ गिरावट दर्ज की गई। 2020 में 85,256 भारतीय नागरिक विदेशों में जाकर बसे और वहां की नागरिकता ली।
बता दें कि लोकसभा में बसपा सांसद हाजी फजलुर रहमान के एक सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी है। रहमान ने तीन सालों में नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की जानकारी मांगी थी।
कारण
यह रहा सबसे बड़ा कारण
करीब चार लाख भारतीयों द्वारा अपने देश की नागरिकता त्यागने का कारण बताते हुए सरकार की तरफ से कहा गया कि इन लोगों ने व्यक्तिगत कारणों से ऐसा किया है।
राय ने बताया कि पिछले तीन सालों में भारतीय नागरिकों ने अंगोला, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बांग्लादेश, बेल्जियम, ब्राजील, ब्रुनई, बुल्गारिया, कनाडा, चिली, चीन, कोलंबिया, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, घाना, मालदीव, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, मैक्सिको समेत 103 देशों में नागरिकता ली है।
आंकड़े
अमेरिका ने दी सबसे ज्यादा नागरिकता
सरकार की तरफ से संसद में पेश किए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों (2019 से 2021) में अमेरिका ने कुल 1,70,795 भारतीयों को अपनी नागरिकता दी। 2019 में 61,683, 2020 में 30,828 और 2021 में 78,284 भारतीय अमेरिकी नागरिक बने।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीन सालों में 58,391, कनाडा ने 64,071, ब्रिटेन ने 35,435, जर्मनी ने 6,690, इटली ने 12,131, न्यूजीलैंड ने 8,882 और पाकिस्तान ने 48 भारतीयों को अपनी नागरिकता दी है।
नागरिकता
न्यूजबाइट्स प्लस (नियम)
भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारत के नागरिकों को दो देशों की नागरिकता रखने की अनुमति नहीं है।
भारतीय पासपोर्ट धारक यदि दूसरे देश की नागरिकता लेता है तो उसे तत्काल भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना होगा।
इसी तरह भारत की नागरिकता छोड़ने वाला व्यक्ति यदि दोबारा नागरिकता लेना चाहता है तो उसे पहले दूसरे देश की नागरिकता छोड़नी होगी।
ऐसे में कोई भी व्यक्ति भारत की नागरिकता के साथ दूसरे देश की नागरिकता नहीं ले सकता है।